Thursday, 8 May 2014

देख नौटंकी अपनी दुनिया की

देख नौटंकी अपनी दुनिया की
सर पे लगा के खटिया देख कितने किरदार नाच रहे हैं?
इनके अटपटे नाच को देख शिकायत ना करना,
वोह तोह तेरी ही धुन पे वार रहे हैं.
खिट पिट मत कर और फिर देख नौटंकी अपनी दुनिया की.

अरे आखिर कौन सी सियाही से माथे पे लकीर खीचता है?
नौटंकी का सारा मज़ा किरकिरा करता है
सर खुजला के होश की मदिरा जमा ले
नशे में होजा चूर और फिर देख नौटंकी अपनी दुनिया की

रंग चढ़ा ले हर किसम के और झाड़ ले कुछ अपने किरदारों पर
पर सोच ज़रूर लेना की आज किस किरदार पे कौन सा रंग चढ़ेगा
आज कौन मंच पे और कौन पर्दे के पीछे रहेगा
रंगीला होजा एक बार और फिर देख नौटंकी अपनी दुनिया की

ध्यान से देख जमा और घटा नौटंकी अपनी दुनिया की
क्यूंकी भले ही बना है तेरे लिए इसका शामियाना
लेकिन नापेगा मोल इसका सारा ज़माना

Tuesday, 11 February 2014

मुखौटा


एक बार मुखौटा उतार के देखो

खुद कि शकल को ध्यान से देखो

आज appointment ले लो अपने साथ

सुन तो लो अपनी खुद कि बात

अपनी आवाज़ सुन के हैरान मत होना

अभी तक मुश्किल था उसका आपकी playlist में मिलना

जो दिल में आये  खुल के बताओ न

दूसरो के बातो को बिन सोचे दोहोराओ ना

डिज़ाइनर कपड़ो कि window shopping करी होगी खूब

पर घर के पयजामे से ज़यादा नहीं होता कुछ भी मेहूज़

तो मत बजाओ ब्रांड्स का band बाजा


जिसका मुखौटा पेहेनता है world आधा