ज़िन्दगी की रेखागणित (geometry)
कभी लगता है हम एक बिंदु (point) से शुरू होने वाली रेखा (line) में जी रहे हैं...
जो शुरू होती है जन्म से और ख़तम ना जाने कब होती है
...
कभी यह रेखा छोटी सी लगती है और कभी क्षितिज की तरह अनंत
कभी कभी ज़िन्दगी त्रिकोण (triangle) भी लगने लगती है
जिसके एक कोने में है आज, एक में बीता हुआ कल और एक में है आने वाला कल
फिर हम इसका एक कोना पकड़ के दुसरे दो कोनो को देखते देखते इनकी दूरी से लड़ते हैं
फिर कभी कभी ज़िन्दगी चौकोर (square) सी दिखती है
सब कुछ सीधा और सही नज़र आता है
फिर भी इसके चार कोनो को अपने त्रिकोण से टटोलते हैं...
फिर अपनी माथे की रेखाओं के साथ ज़िन्दगी की रेखाओं को भी बढ़ाते हैं
और फिर इस ज़िन्दगी को एक नए आकर में ढालने के लिए फिर तैयार हो जाते हैं...
ऐसा करते करते सैंकड़ो लकीरे ना जाने कब ज़िन्दगी से यूँ ही जोड़ देते हैं
फिर जीवन एक गोलाकार (circle) लिए आपके चारो ओर दीवार लिए तना होता है ...
और तब समझ आता है की ज़िन्दगी वापिस उसी बिंदु से जुड़ गयी जिस से यह शुरू हुई थी
आखिर में सवाल लिए इस बिंदु (point) पर खड़े होके पूछते हो---
जीवन का यह रेहेस्मायी आकार आखिर रहा
कितना बेकार और कितना साकार?
कभी लगता है हम एक बिंदु (point) से शुरू होने वाली रेखा (line) में जी रहे हैं...
जो शुरू होती है जन्म से और ख़तम ना जाने कब होती है
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कभी यह रेखा छोटी सी लगती है और कभी क्षितिज की तरह अनंत
कभी कभी ज़िन्दगी त्रिकोण (triangle) भी लगने लगती है
जिसके एक कोने में है आज, एक में बीता हुआ कल और एक में है आने वाला कल
फिर हम इसका एक कोना पकड़ के दुसरे दो कोनो को देखते देखते इनकी दूरी से लड़ते हैं
फिर कभी कभी ज़िन्दगी चौकोर (square) सी दिखती है
सब कुछ सीधा और सही नज़र आता है
फिर भी इसके चार कोनो को अपने त्रिकोण से टटोलते हैं...
फिर अपनी माथे की रेखाओं के साथ ज़िन्दगी की रेखाओं को भी बढ़ाते हैं
और फिर इस ज़िन्दगी को एक नए आकर में ढालने के लिए फिर तैयार हो जाते हैं...
ऐसा करते करते सैंकड़ो लकीरे ना जाने कब ज़िन्दगी से यूँ ही जोड़ देते हैं
फिर जीवन एक गोलाकार (circle) लिए आपके चारो ओर दीवार लिए तना होता है ...
और तब समझ आता है की ज़िन्दगी वापिस उसी बिंदु से जुड़ गयी जिस से यह शुरू हुई थी
आखिर में सवाल लिए इस बिंदु (point) पर खड़े होके पूछते हो---
जीवन का यह रेहेस्मायी आकार आखिर रहा
कितना बेकार और कितना साकार?