Thursday, 4 February 2010

एक कोशिश









अब तन्हाई भी एक कोशिश बन गयी है

तनहा रहना ही ज़िन्दगी बन गयी है

पर मुझे पता है एक दिन यह तनहा दिल मिलेगा किस्सी से

एक प्यार भरी आवाज़ से बुलाएगा कहीं से

हर रोज़ इस को चाहिए एक साथ

कोई जो खुश कर दे बन जाता है ख़ास

कितना हसीं है यह ज़िन्दगी का रुख

हर मोर पे दुःख का साथ देता है सुख

यही आशा है इस तनहा दिल की

भले यह सुने सबकी पर करे मनन की

जी ली यह ज़िन्दगी किस्सी का हाथ थामे

अब अलग ही परिभाषा बन गयी है मेरे सामने

खुध से प्यार करना है यह सीख लिया है अब

यह फैसला करना सीख लिया है की क्या करना है कब

कई सारे गम छुपाये हैं इस दिल के अन्दर

एक बूँद से अब मनन बन गया है समुन्दर

इस समुन्दर को चल्काना नहीं है अब

भले इस नौका में सवार हो दो माझी या हो सब!



3 comments:

  1. motivating :)
    reminds me of the song by shania twain- Up up up I gonna get up from here :P :D

    ReplyDelete
  2. good akanksha
    it's really very nice.
    keep it up...

    ReplyDelete