आज क्या नया हैक्यूँ छुपा हुआ है?मेरे चेहरे की ख़ुशी के पीचेकुछ दबा हुआ सा है.हवाएं गुज़रती रहती हैंघड़ी घड़ी उडती हुई यादें दिलाती हैंइन हवाओं से लड़ना सीख लिया है मैंनेसांस रोक कर आगे बदना भी सीख लिया है मैंनेज़िन्दगी ऐसे भी बताएगी अपनी पहचानइस सोच को लिए करे थे बड़े एहसानपर क्या थे उनके मायनेअब साफ़ साफ़ खड़े हैं मेरे सामनेज़िन्दगी कम्बक्त है कम्बक्त ही रहेगीहर पल ये सांसें यूँ ही चलती रहेंगीतोह क्यूँ मूह फेरे उन रास्तों सेजहाँ किसी रोज़ खुशियाँ मिलती थी हर बातों मेंआज चमक रहा है वोह आइनाजो बताता था क्या सही है और क्या सही थाएक हलकी सी मुस्कराहट छलकती है होटों सेजब याद आतें हैं वोह लम्हेंजब भरोसा नहीं था खुदी सेआज खुदी और खुदा दोनों है साथ....बस कहते हैं मुझसे, मुस्कुराते रहनादेखना एक दिन बन जाएगी हर बात
Thursday, 4 February 2010
एक दिन बन जाएगी हर बात
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sunny days wouldn't be special, If it wasn't for rain.
ReplyDeleteJoy wouldn't feel so good if it wasn't for pain :)
Awesome written yaar too good :D
u certainly.. . moved far awei long. .
ReplyDeletetooooooooo gud. .!!
n ha. .ek din baat banegi. :P... hehe. !!
u r right
ReplyDeleteek din ban jayegi har baat
it's very nice.....